मज़म्मत….. शाहगंज और कुछ दूसरे मक़ामात पर ताज़ियों और मजलिस के दौरान किये गये हंगामे की हम सब सख्त अल्फाज़ में मज़म्मत करते हैं और हम सब के दिल को बहुत ठेस पहुंची है :डॉक्टर क़ल्बे सिब्तैन नूरी

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    एक मरतबा फ़िर तमाम ओलमा से अपील है कि अहम मसायल पर अपनी अनानियत व बेजा ज़िद को छोड़ कर एक प्लेटफॉर्म पर आएं वर्ना अभी और बुरे हालात देखने को मिल सकते हैं
    अज़ादारों से अपील है कि सब्र से काम लें हालांकि ये आसान काम नहीं है लेकिन वक़्त की ज़रूरत है
    हर शहर के अज़ादार अपने शहर के ज़िम्मेदार और बा फहम ओलमा व दानिशवरों से रुजू करें और लखनऊ के भी बुज़र्ग ओलमा से गुज़ारिश है कि आपस में मिल बैठ कर क़ौम की रहनुमाई करें
    ये याद रखें ज़ुल्म की ठहनी ज़्यादा दिन फलती नहीं है इस से पहले भी जिस जिस सरकार ने ज़ुल्म किये क़ुदरत ने उनको सज़ा दी इंशाअल्लाह आइंदा भी यही होगा
    आपस में इत्तेहाद रखें और सब्र व दूर अंदेशी के साथ मामलात को हल करें, किस लिये ये माहौल बनाया जा रहा है सब जानते हैं?
    आख़िरी बात ये कि हम किसी सियासी पार्टी के वफ़ादार नहीं हैं बल्कि हक़, सच्चाई, मज़लूमियत और इंसाफ के वफ़ादार हैं

    वस्सलाम डाक्टर कलबे सिब्तैन नूरी, 14 अगस्त , लखनऊ

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