कांग्रेस ने दिया 24 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण

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                                                  दिनांकः- 08.09.2021


    उत्तर प्रदेश में चुनाव क़रीब हैं और हर तरफ़ राजनीतिक गहमागहमी शुरू हो गयी है। उत्तर प्रदेश को केंद्र बनाकर देश की आज़ादी के महान संघर्ष का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस पार्टी सूबे के हालात से न सिर्फ़ चिंतित है, बल्कि नफ़रत और बदहाली के दलदल से इस प्रदेश को बाहर निकालने के लिए एक वृहत कार्ययोजना के साथ मैदान में है।
    इसी के तहत उत्तर प्रदेश के सभी 75 ज़िलों और 403 विधानसभाओं में पहले दौर का प्रशिक्षण से पराक्रम अभियान चलाया गया। इस अभियान के ज़रिये अब तक 24 हज़ार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। किसी भी दल को गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी गठबंधन को आतुर है। कुछ राजनीतिक दल एसी हाल में बैठकर गोष्ठी कर रहे हैं। उनमें जमीन पर संघर्ष करने का माद्दा नहीं है। जबकि कांग्रेस लगातार सड़कों पर उतरकर योगी सरकार की विफलताओं और जनविरोधी नीतियों के खि़लाफ़ लगातार संघर्ष करती रही है।
    उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा के निर्देश पर पूरे प्रदेश में संगठन मज़बूत किया जा चुका है। आज उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का न्याय पंचायत के स्तर तक ढांचा खड़ा हो गया है जिसे बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को वैचारिक सेना में तब्दील करने के उद्देश्य से चल रहे प्रशिक्षण अभियान के तहत कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नये सिरे से कांग्रेस के इतिहास, उपलब्धियों और विचारधारा से लैस किया जा रहा है। साथ ही विपक्षी दलों की विफलताओं और उनकी रीति नीति की जानकारी दी जा रही है। कांग्रेस के कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर सत्ता और विपक्ष होने का नाटक करने वाले दलों के हर जुमले और छल का जवाब देने में जुट गये हैं।
    पार्टी की प्रभारी महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी ने बार-बार कहा है कि पार्टी सिर्फ चुनाव जीतने नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने और हर प्रकार के शोषण, अत्याचार, दमन के खिलाफ मैदान में है। चुनाव के मोर्चे के साथ-साथ पार्टी को प्रदेश और देश बचाने की लड़ाई भी लड़नी है क्योंकि जिस संविधान के आधार पर आधुनिक और सेक्युलर भारत की बुनियाद रखी गयी थी, आज आरएसएस और उसके राजनीतिक प्रकोष्ठ बीजेपी के शासन में वह सर्वाधिक निशाने पर है। कांग्रेस पार्टी यूपी की राजनीति दिशा बदलने के लिए मैदान में उतरी है। यही वजह है कि कांग्रेस छद्म राष्ट्रवाद का मुकाबला करने के लिए संविधान आधारित राष्ट्रवाद का झंडा बुलंद करने वाले कार्यकर्ताओं की फौज तैयार करने में जुटी है।
    कांग्रेस का ‘प्रशिक्षण से पराक्रम महाभियान’ अभियान 24 अगस्त से शुरू हुआ था जो 7 सितंबर तक चला। इस दौरान प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में कांग्रेस की ज़िला-शहर कमेटियों से लेकर ब्लॉक, न्याय पंचायत कमेटियों तक के पदाधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षण दिया गया। पार्टी के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की इस टीम ने देश पर छाये मौजूदा संकट और कांग्रेस की ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी के बारे में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि किस तरह बीते 32 साल में बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने यूपी की सूरत बिगाड़ दी है और इतिहास की पुकार है कि कांग्रेस अपनी उसी धज के साथ तिरंगा लेकर मैदान में उतरे जैसा कि उसने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में आज़ादी की लड़ाई लड़ी थी।
    इस महाभियान के तहत कुल 700 प्रशिक्षण कैंप आयोजित किये जायेंगे जिसमें दो लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। अगले चरण में विधानसभावार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जायेंगे। प्रशिक्षण के लिए पार्टी के प्रशिक्षकों की सात टीमें लगातार सक्रिय रहीं जिन्होंने कांग्रेस के इतिहास, संघ और बीजेपी के राष्ट्रविरोधी अतीत, बूथ मैनेजमेंट से लेकर सोशल मीडिया के बेहतर इस्तेमाल तक के बारे में गहन प्रशिक्षण दिया।
    इन प्रशिक्षण शिविरों को प्रभारी महासचिव प्रियंका गाँधी जी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उपनिवेशवाद के खि़लाफ़ दुनिया की अनोखी लड़ाई को मंज़िल तक पहुँचाने वाली कांग्रेस के कार्यकर्ता, देश पर आये मौजूदा संकट के खि़लाफ़ भी पूरी ताक़त से ज़मीनी अभियान चलायेंगे और जैसे अंग्रेज़ों को देश से बाहर किया गया, उसी तरह आरएसएस जैसे अंग्रेज़ों के पिट्ठुओं को भी राष्ट्रीय जीवन से बाहर करने का लक्ष्य हासिल करेंगे।
    यूपी के आगामी चुनाव को देखते हुए तमाम चुनावी पंडित कांग्रेस को कमज़ोर आँक रहे हैं, लेकिन या तो वे किसी एजेंडे के तहत जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं या फिर उन्हें कांग्रेस की व्यापक ज़मीनी तैयारियों की जानकारी नहीं है। यूपी की योगी सरकार ने आज सूबे का जो हाल किया है, वह किसी से छिपा नहीं है। भीषण महँगाई, बेरोज़गारी से लेकर बदहाल स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था से जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। कोरोना की दूसरी लहर ने बता दिया कि सरकार की नज़र में आम आदमी की क़्या क़ीमत है। यह बात भुलाई नहीं जा सकती कि योगी सरकार की संवेदनहीनता और आपराधिक लापरवाही ने पतित पावनी गंगा को शव वाहिनी गंगा में तब्दील कर दिया। तीर्थराज प्रयाग को अपने स्पर्श से पवित्र करती गंगा में लाशें उतराने का दृश्य कौन भूल सकता है। अंत्येष्टि की जगह बालू में दबा दी गयीं लाशें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियाँ बनीं जिसने साबित किया कि गरिमापूर्ण जीवन तो छोड़िये, गरिमापूर्ण अंतिम संस्कार भी नागरिकों को नसीब नहीं है।
    आजकल करोड़ों का विज्ञापन अभियान चलाकर योगी सरकार यूपी को नंबर वन प्रदेश बना देने का का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन महिला उत्पीड़न से लेकर दलित उत्पी़ड़न तक और बेरोज़गारी से लेकर किसानों की बदहाली तक के आँकड़े बताते हैं कि ये दावे न सिर्फ झूठे हैं बल्कि यूपी के नागरिकों को अपमानित करने वाले भी हैं। योगी सरकार के हर विभाग भ्रष्टाचार के नये कीर्तिमान बनाने में होड़ लेते नज़र आ रहे हैं। योगी राज में यूपी दरअसल बदहाली में नंबर वन बन गया है।
    ऐसी सरकार से निजात दिलाने के लिए एक सचेत और संवेदनशील विपक्ष की ज़रूरत है, लेकिन अफ़सोस है कि ख़ुद को सत्ता का दावेदार बताने वाली सपा और बसपा जैसी पार्टियों ने अत्याचार और उत्पीड़न की महागाथा का विरोध करने के लिहाज़ से इतना भी नहीं किया कि किसी फ़ुटनोट पर भी ज़िक्र किया जा सके। जबकि कांग्रेस पार्टी लगातार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करती, लाठी-जेल का जोखिम उठाती नज़र आयी। एक सच्चे विपक्ष की भूमिका उत्तर प्रदेश में सिर्फ़ कांग्रेस ने अदा की। ये बात चुनावी पंडितों को नज़र आये या नहीं, उत्तर प्रदेश की महान जनता कांग्रेस के इस नये अवतार को बखूबी महसूस कर रही है और आने वाले चुनाव में नतीजे चौंकाने वाले होंगे।
    कांग्रेस पार्टी का साफ़ मानना है कि यूपी की योगी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए लिहाज़ से सपा और बसपा कोई विकल्प नहीं हैं। यूपी के सभी वर्ग-समुदाय अब कांग्रेस की ओर आशा भरी निगाह से देख रहे हैं। प्रियंका गाँधी जी के कुशल नेतृत्व में कांग्रेस के उत्साही कार्यकर्ता नया इतिहास रचने को तैयार हैं। हमें पूरा विश्वास है कि अगला चुनाव इतिहास रचने और उत्तर प्रदेश से प्रश्न प्रदेश बन चुके इस राज्य को बदहाली के दलदल में निकालने के लिए जाना जायेगा। इतिहास की इस बदली करवट पर कांग्रेस और देश के लिए हर क़ुर्बानी देने को तैयार उसके कार्यकर्ताओं का नाम चमक रहा है।

                                     
    
                                    
                             
                            
                                   

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