सूरज और चांद ग्रहण अल्लाह की क़ुदरत की निशानियी: रुबीना मुर्तुज़ा जावेद

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    सूरज ग्रहण या चंद्र ग्रहण यह सब अल्लाह की क़ुदरत की निशानियों में से है ,इसीलिए इसमें जो नमाज़ पढ़ी जाती है उसे भी नमाजे़ आयात ” prayer of signs” कहते हैं। यह ग्रहण उसकी क़ुदरत की निशानियों में से है कि किस तरह अल्लाह रब्बुल आलमीन के इशारे पर सूरज चांद और ज़मीन और बाक़ी सितारे कायनात में गर्दिश कर रहे हैं।
    मुख़्तलिफ़ मज़ाहिब और कल्चर में अपने अपने हिसाब से इन सूरज या चांद ग्रहण को लेकर बहुत सी बातें मशहूर हैं ,लेकिन इस्लाम इसे अल्लाह की क़ुदरत की निशानी क़रार देता है । नमाजे़ आयात में सूरह अल फलक़ पढ़ी जाती है अगर इसके तर्जुमे पर गौर किया जाए तो यह सारे शक शुबा को दूर करने के लिए काफी है। पहले भी लोग डर जाया करते थे जब ग्रहण वगैरह होते थे ।अभी भी लोग डरते हैं । एनशियन्ट चाइना में कहा जाता था कि सूरज / चांद को ड्रैगन निगल जाता है वगैरह-वगैरह।
    बहरहाल हक़ीक़त यह है कि कायनात में हज़ारों कहकशां है ,एक कहकशां का नाम मिल्की वे गैलेक्सी है ।इस कहकशा में एक सूरज है और सैकड़ों सितारे / starsऔर सैयारे /planetsहैं ,एक सैयारे का नाम ज़मीन( अर्थ) है जिस पर हम रहते हैं। यह सैयारा सिर्फ सूरज के चारों तरफ ही नहीं घूमता बल्कि खुद अपनी धुरी पर भी घूमता है जिसकी वजह से इस पर रात और दिन होते हैं ।रात सैयारे के उस मुक़ाम पर होती है जो सूरज से छुपा हुआ होता है और दिन उस मक़ाम पर होता है जो सूरज के सामने होता है। अब अगर सूरज से ज़मीन पर पड़ने वाली रोशनी के बीच में कोई और सैयारा उसके दरमियान आ जाने वाले सैयारा वजह से ज़मीन से सूरज वैसा नज़र नहीं आएगा जैसा कि आम तौर पर नज़र आता है और इसकी रोशनी में भी रुकावट होगी और इसकी शक्ल भी मुख़्तलिफ नज़र आयेगी । सूरज ग्रहण में ऐसा ही होता है अगर कोई सैयारा ज़मीन और सूरज के दरमियां आ जाता है जिससे सूरज का ज़मीन से पूरा या कुछ हिस्सा छुप जाता है ।क्योंकि सूरज की रोशनी ज़मीन तक उससे टकराकर आती है इसलिए इस रोशनी मे रेडिएशन होने की वजह से नुक़सानदेह हो सकता है।
    ग़ौर करें तो सोलर एक्लिप्स एक ख़ूबसूरत और शानदार वाक़या है, जब यह रूनुमा होता है तो अल्लाह की क़ुदरत से रूबरू करवाता है । उसकी कारीगरी और उसकी बादशाहत का अहसास करवाता है। और यक़ीनन यह वह मौक़ा है जो साहिबे ईमान को अपने रब के सामने अपनी पस्ती का एहसास और अपने मालिक को सज़दा करने पर आमादा करता है।

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