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सपा पूर्व वरिष्ठ नेता अमर सिंह का संक्षिप्त में राजनीतिक सफर

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रिपोर्ट  क़म्बर रज़ा मिंटू

जन्म 27 जनवरी 1956 आजमगढ
पिता- -हरीश चंद्र सिंह
माता- -शैला कुमारी
दो बेटियां- -दृष्टि सिंह, दिशा सिह

शिक्षा-       -बी ए, एलएलबी
कार्यकाल: उद्योगपति अमर सिंह की राजनीतिक शुरुआत समाजवादी पार्टी से हुई। मुहिम सपा में क्षत्रियों को जोड़ने की, धीरे- धीरे सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के दाहिना हाथ कहलाए जाने लगे।

जिसके चलते 1996 में प्रथम बार सपा से राज्यसभा भेजे गए।

सपा में अमर सिंह ने अनेकों फिल्म स्टारों को सदस्यता दिलाई, जिसमें राज बब्बर, श्रीमती जया बच्चन, श्रीमती जयाप्रदा और संजय दत्त जैसे बड़े कलाकार भी थे।
2008 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार को बचाने के लिए तीन सांसदों की खरीद-फरोख्त का इल्ज़ाम अमर सिंह पर लगाया गया।

जिसके चलते 6 सितंबर 2011 को सपा राज्यसभा सांसद अमर सिंह, भाजपा के दो सांसदों के साथ तिहाड़ जेल भेजे गए।
उसके बाद सपा मे धीरे -धीरे अमर सिंह का विरोध होने लगा और समाजवादी पार्टी के एक कद्दावर नेता पूर्व मंत्री आज़म ख़ान भी अमर सिंह के ख़िलाफ हो गए, आज़म ख़ान ने विरोध जताया व‌ उनको पार्टी से निकालने की पेशकश की ।

निकाले न जाने पर आज़म ख़ान काफी नाराज़ हो गए, जिसके चलते पूर्व मंत्री आज़म ख़ान पार्टी के अनेकों प्रोग्राम में नहीं देखे गए।

धीरे- धीरे सपा में अमर सिंह का विरोध और बढ़ा ,

इन विरोधियों के साथ सपा संस्थापक मुलायम सिंह के भाई एवं दोस्त राम गोपाल यादव सांसद भी खड़े हो गए।
जिसके चलते अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया।
इसके पश्चात उन्होंने लोकमंच पार्टी का निर्माण किया।
इस पार्टी के तहत 2012 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा के चुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवार मैदान में उतारे और ज़्यादातर उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई।

वहीं समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाए गए।
इसके बाद अमर सिंह ने अपनी पार्टी का विलय लोक दल में कर दिया। वह 2014 मे अमर सिंह ने लोक दल पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़ा वह हार गए।

धीरे धीरे अमर सिंह का स्वास्थ्य ख़राब होता रहा, क्योंकि पूर्व में अमर सिंह ने अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी ।जिसके चलते धीरे-धीरे अमर सिंह कमज़ोर होते गए व बीमारी से लड़ते-लड़ते सिंगापुर के एक अस्पताल में

1 अगस्त 2020 को 64 वर्षीय अमर सिंह ने आखिरी सांस ली।

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बीबीडी चेयरमैन विराज सागर दास ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

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लखनऊ 11 अगस्त।

बीबीडी ग्रुप के चेयरमैन, चेयरमैन बैडमिन्टन एसोसिएशन उ0प्र0, उपाध्यक्ष बैडमिन्टन एसोसिएशन आफ इण्डिया एवं  भारतीय ओलम्पिक एसोसिएशन यूथ कमीशन (आई.इ.ओ.) के चेयरमैन श्री विराज सागर दास ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

श्री विराज सागर दास ने अपने शुभकामना सन्देश में कहा है कि आस्था, विश्वास और श्रद्धा से परिपूर्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व का मानव जीवन में युगों-युगों से विशेष महत्व रहा है। उन्होने प्रदेशवासियों से अपील की है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते सामूहिक आयोजनों से बचें और नियमों का पालन करते हुए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनायें।
श्री सागर ने कहा कि श्रीकष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हमारे देश व प्रदेशवासियों के जीवन में उत्साह, नई ऊर्जा का संचार करे।
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मुहर्रम को लेकर लखनऊ कमिश्नर के साथ ओलमा ए लखनऊ की मीटिंग

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कोविड-19 से जहां एक तरफ पूरी दुनिया तरस तो परेशान है वहीं दूसरी तरफ सारे धार्मिक प्रोग्राम भी कोविड-19 की जद में आ गए हैं।
21 अगस्त से शुरू होने वाले मोहर्रम के लिए भी कोविड-19 की वजह से काफी दिक्कतें आ रही हैं जिस के हल के लिए आज तमाम उलमा ए लखनऊ ने कमिश्नर श्री सुजीत पांडे जी के साथ उनके आवास पर एक मीटिंग की। जिसमें मोहर्रम में होने वाली मजलिसों और जुलूसों के ऊपर चर्चा की गई कि किस तरह से मोहर्रम में आय्यामें अजा के दिनों में मजलिसें बरपा की जाएं और जुलूस बरामद किए जाएं
इस बैठक में शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के  प्रवक्ता  मौलाना यासूब अब्बास  साहब

आफ़ताबे शरीयत मौलाना कल्बे जव्वाद साहब

मौलाना हमीदुल हसन साहब

मौदाना आग़ा रूही साहब,

वग़ैरा ने शिरकत की।
मोहर्रम में होने वाली मजलिसों और जुलूसों के संबंध में बहुत जल्दी सरकार की गाइडलाइन जारी होगी।

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डा0 सूर्यकान्त ने बताए कोरोना काल में एलर्जी के उपचार एवं बचाव के तरीके।

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डा0 सूर्यकान्त, विभागाध्यक्ष रेस्पिरेटरी मेडिसिन, के0जी0एम0यू0 एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, इण्डियन कालेज अॅाफ एलर्जी, अस्थमा एवं एप्लाइड इम्यूनोलाजी (प्ब्।।प्) को अमेरिकन कालेज आॅफ फिजिषियन (।ब्च्ब्व्छ) इंडिया चैप्टर 2020 के वर्चुअल कान्फ्रेंस में कोरोना काल में एलर्जी का उपचार विषय पर अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।
डा0 सूर्यकान्त ने विभिन्न प्रकार की एलर्जी जैसे नाक, अस्थमा, त्वचा, अँाख एवं फूड एलर्जी के बारे मेे कोविड-19 से पहले एवं कोविड -19 आने के बाद में किये जाने वाले बचाव एवं इलाज के बारे में विस्तार पूर्वक बताया उन्होनें यह भी बताया कि भारतीय उपमहादीप में 10 करोड़ नाक की एलर्जी (एलर्जिक राहनाइटिस) के मरीज मौजूद हंै।
डा0 सूर्यकान्त ने एलर्जिक राइनाइटिस, फ्लू एवं कोविड-19 के लक्षणों में अंतर बताया जैसे एलर्जिक राहनाइटिस में मरीज को छींक आना, आखों का लाल होना, नाक बहना, फ्लू में मरीज को ठंड के साथ बुखार आना, नाक बहना, सर दर्द एवं कोविड-19 के मरीजों में बुखार, सूखी खांसी एवं सांस का फूलना जैसे प्रमुख लक्षण पाये जाते हैं। इसके साथ ही उन्होनें जोर देकर कहा कि जैसे “हर चमकती चींज सोना नहीं होती, वैसे ही हर टपकती नाक कोरोना नहीं होती।“
उन्होनें बताया की एलर्जिक राहनाइटिस, अस्थमा, त्वचा, आंख एवं फूड एलर्जी के जिन मरीजों ने उचित दवाइयों से अपनी एलर्जी के लक्षणांे को पूरी तरह नियत्रंण में कर रखा है, उनको कोविड का अतिरिक्त जोखिम नही है। लेकिन जिन मरीजों के एलर्जी के लक्षण नियंत्रण मे नही है या साथ में कोई अन्य बीमारी जैसे -क्रोनिक किडनी डिसिज, डायबिटीज, क्रोनिक लिवर डिसिज, हाइपेरटेंषन जैसी बीमारी वाले मरीजों में कोरोना होने का ज्यादा जोखिम है। उन्होनें सुझाव दिया कि माइल्ड टू मोडरेट एलर्जी मरीजों को टेली मेडिसिन/टेलीपेथी से ही उपचार किया जाये और उन्होने एलर्जी /अस्थमा के गंभीर रोगियो को क्लीनिक/अस्पताल में मरीज को देखते समय बचाव के विभिन्न तरीके जैसे मरीज का थर्मल स्क्रिनिंग तथा अपोइटमेन्ट के बाद देखना एवं ऐरोसोल जेनरेटिंग प्रेासीजर जैसे- पीएफटी (पल्मोनरी फंक्षन टेस्ट), नेबुलाइजेषन, आदि से बचने पर जोर दिया। उन्होनें इन्हेलर एवं स्पेसर को नेबुलाइजेषन की जगह पर उपयोग करने की सलाह दी। नेबुलाइजेषन की अतिआवष्यकता होने पर नेबुलाईजेषन का प्रयोग खुले स्थान पर जैसे पोर्च, गैराज या एक अलग हवादार कमरे में करें। एलर्जी टेस्टिंग एवं नये मरीजो में बाइलोजिकल एजेंट जैसे ओमेलीजुमाब को देने के लिये डा0 सूर्यकान्त ने मना किया।
डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि नेबुलाइजर एवं स्पेसर को हर बार उपयोग करने के बाद पानी व साबुन या लिक्विड डिटरजेंट से साफ करें, जिससे कोविड संक्रमण से बचाव किया जा सके। उन्होनें डिजिटल इन्हेलर, स्मार्ट थर्मोमीटर, एवं स्मार्ट स्पाईरोमीटरी का प्रयोग करने की सलाह दी। शारीरिक इम्यूनिटी बढाने के लिए उचित भोजन, अच्छी नींद, भाप लेना, धूम्रपान से बचाव एवं नियमित रूप से योग/प्राणायाम करने के लिए बताया।
इसी के साथ उन्होने कोविड-19 से बचाव के लिए शारीरिक दूरी, एलर्जन से बचाव, फेस मास्क का प्रयोग, बार-बार हाथों को साबुन से 30 सेकेण्ड तक धुलना, तथा बार-बार नाक, कान, आंख एवं मुंह को न छूना भी बाताया।

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