लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के सम्बन्ध में बैठक: योगी

    0
    109

    उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के सम्बन्ध में बैठक की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के सम्बन्ध में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरते। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस महामारी में मानव सेवा हमारा धर्म होना चाहिए, जिसमें गलतियों के लिए कोई स्थान न हो।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath ने कहा कि लखनऊ जनपद में कोविड-19 के संक्रमण की दर को रोकने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग हर हाल में सुनिश्चित की जाए। डोर-टू-डोर सर्वे के कार्य में कोई कोताही न हो। उन्होंने डी.जी. हेल्थ की तत्काल नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव जी को निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath  ने कहा कि कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर ऐसा हो, जिससे यह निश्चित हो सके कि मरीज की स्थिति के अनुसार उसे लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, एस.जी.पी.जी.आई., के.जी.एम.यू. तथा एल-1, एल-2 अथवा एल-3 अस्पतालों में भर्ती किया जाए। सी.एम.ओ. की टीम मरीज की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर निश्चित अस्पताल में उसे तुरन्त भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath  ने लोकबन्धु अस्पताल में कोविड बेड की संख्या बढ़ाकर 200 किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल, लोकबन्धु, बलरामपुर तथा डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के प्रभारी चिकित्सकों से स्थिति की जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री जी ने एस.जी.पी.जी.आई. के निदेशक को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का भ्रमण करने तथा आर.एम.एल., सिविल, लोकबन्धु एवं बलरामपुर अस्पताल के प्रभारियों के साथ बैठक कर कोविड-19 के उपचार के सम्बन्ध में एक एस.ओ.पी. विकसित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ के मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी इस बैठक में सम्मिलित हों। मरीजों के उपचार के सम्बन्ध में विकसित इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि लखनऊ में हर जनपद से लोग उपचार के लिए आते हैं। वर्षा ऋतु के दृष्टिगत कोविड-19 तथा संचारी रोगों के संक्रमण के नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन को सजगता व सतर्कता के साथ कार्य करना होगा।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath  ने कहा कि पुलिस/प्रशासन लखनऊ के सभी 110 वॉर्डों में पुलिस एड्रेस सिस्टम के माध्यम से मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई, कोविड-19 से बचाव के उपायों के सम्बन्ध में जागरूक करे। इन्फोर्समेण्ट की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath  ने कहा कि पेट्रोल पम्प तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी मास्क या फेस कवर ग्राहकों के लिए अनिवार्य हो। व्यापारी तथा अन्य कर्मी भी इसका इस्तेमाल करें। सभी सार्वजनिक स्थलों एवं अस्पतालों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जागरूकता की कार्यवाही की जाए।

    उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल में भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था करायी जाए। शनिवार व रविवार को व्यापक स्तर पर स्वच्छता व सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जाए।

    मुख्यमंत्री  ने कहा कि सर्विलांस, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, रैपिड टेस्ट की कार्यवाही को प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग और प्रभावी बनाए। रैपिड टेस्ट से संक्रमण पर रोक लगती है और जीवन रक्षा होती है।

    मुख्यमंत्री  ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना हो। पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर उपलब्ध रहे। कोविड-19 के नियंत्रण के लिए धन की कोई कमी नहीं है। इसके सम्बन्ध में शासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath ने कहा कि कोविड संक्रमित मरीज के परिजनों को उसकी स्थिति के सम्बन्ध में चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से अवगत कराया जाए।

    मुख्यमंत्री जी ने मरीज को डिस्चार्ज करने के सम्बन्ध में भारत सरकार की नीति लागू किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि डिस्चार्ज मरीज को होम क्वारण्टीन में निश्चित समय तक भेजा जाए। इस दौरान मरीज को सर्विलांस सिस्टम से जोड़ा जाए।

    मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति को होम आइसोलेशन में रखने पर विचार करने तथा एस.ओ.पी. तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि जनपद स्तर पर स्वास्थ्य विभाग सर्विलांस, एम्बुलेंस सेवा, डोर-टू-डोर सर्वे, कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पतालों के लिए अलग-अलग टीम बनाकर परस्पर समन्वय के साथ कार्य करे। प्रत्येक टीम का संचालन एक व्यक्ति के नेतृत्व में सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वॉर्ड में आवश्यक संख्या में सर्वे टीम तैनात की जाए। सर्विलांस टीम द्वारा सर्वे की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि प्रत्येक 08 से 10 दिन के पश्चात पुनः डोर-टू-डोर सर्वे किया जा सके। सर्वे करने वाली टीम के पास पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, सैनिटाइजर, ग्लव्स, मास्क या फेस कवर की उपलब्धता रहे। प्रदेश में लगभग 12,000 वॉर्ड हैं। हर वॉर्ड में सर्वे सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना संदिग्ध मरीज का रैपिड एण्टीजन टेस्ट हो तथा संक्रमित मरीज को उसकी स्थिति के अनुसार एल-1, एल-2 तथा एल-3 अस्पतालों में भेजा जाए। एल-1 अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था हो तथा एल-2 में ऑक्सीजन के साथ वेण्टीलेटर की भी व्यवस्था रहे।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एल-2 में 05 से 10 प्रतिशत बेडों पर वेण्टीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित हो। एल-3 में वही मरीज भर्ती किए जाएं, जिन्हें आवश्यकता हो। एम्बुलेन्स में भी ऑक्सीजन की व्यवस्था रहे।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पतालों के लिए अलग-अलग एम्बुलेन्स की व्यवस्था की जाए। मरीज को ले जाने के बाद उसे डिसइंफेक्ट जरूर किया जाए। साफ-सफाई की व्यवस्था के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मरीज को समय से समय से नाश्ता व भोजन दिया जाए। खाना सात्विक, ताजा और पौष्टिक होना चाहिए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि वायरस के विरुद्ध संघर्ष के लिए सर्विलांस किया जाना आवश्यक है। कोविड-19 की संक्रमण दर को रोकने के लिए जे.ई/ए.ई.एस के प्रसार पर नियंत्रण सम्बन्धी अनुभव को उपयोग में लाया जाए। ग्राम्य विकास एवं नगर विकास विभाग शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करे।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया जाए। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन व फॉगिंग का कार्य जारी रखा जाए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में पूरी सतर्कता व सख्ती बरती जाए। डोर स्टेप डिलीवरी की जाए। जिला प्रशासन द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे के लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व अन्य की सेवाएं ली जाएं। आवश्यकतानुसार नई एम्बुलेन्स अथवा निजी एम्बुलेन्स की भी सेवाएं ली जाएं।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि 102, 108, ए.एल.एस. एम्बुलेन्स सेवा के अलावा, पुरानी उपलब्ध एम्बुलेन्स का भी प्रयोग किया जाए। आई.एम.ए एवं नर्सिंग एसोसिएशन के साथ जिला प्रशासन की हर सप्ताह बैठक हो।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पतालों के हर वॉर्ड में पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध हो और उसका प्रत्येक घण्टे इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी ने कहा कि कोविड-नॉन कोविड पेशेंट 15 मिनट से अधिक होल्डिंग एरिया में न रहें। नर्सिंग/पैरामेडिकल/साफ-सफाई कर्मी की ड्यूटी पहले से लगायी जाए। अस्पताल में किसी स्थान पर टेलीविजन/अखबार की व्यवस्था हो। प्रत्येक जनपद के अस्पतालों में पर्याप्त बेड उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ट्रेनिंग की व्यवस्था निरन्तर संचालित रहे। कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न हो। कोरोना मरीज की मृत्यु की स्थिति में परिजनों द्वारा शव न लिए जाने पर उसके अन्तिम संस्कार की व्यवस्था प्रशासन करे। इसके लिए जनपदों को धनराशि उपलब्ध कराई गई है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here