राहुल के जन्मदिन पर शहीदों को श्रद्धांजलि, गरीबों को मदद।

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    कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद श्री राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। लेकिन राहुल गांधी अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे।
    राहुल गांधी ने जन्मदिन ना मनाने की अपील की है।
    कोरोना और सीमा पर सैनिकों की शहादत के चलते जो दुख और परेशानियों का समय चल रहा है उसी को देखते हुए श्री राहुल गांधी ने जन्मदिन ना मनाने का निर्णय लिया है।
    श्री राहुल गांधी ने जन्मदिन पर किसी तरह की खुशी का आयोजन न करने की अपील की है।
    राहुल गांधी ने अपने जन्मदिन पर गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, मेडिकल किट आदि के वितरण को कहा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि शहीदों के सम्मान में जरूरतमंदों को भोजन कराया जाये।
    उन्होंने विशेष रूप से केक काटने, नारेबाजी करने, बैनर लगाने को मना किया है।
    साथ ही साथ उन्होंने प्रदेश और जिला कमेटियों से शहीदों की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखने को कहा है।
    इसके साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि कोरोना संकट के कारण परेशानी का सामना कर रहे गरीबों तक ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाई जाए।
    राहुल गांधी एक सुलझे हुए और एक परिपक्व नेता के रूप में उभर कर सामने आए हैं। राहुल गांधी उस परिवार का नेतृत्व कर रहे हैं जिस परिवार में एक नहीं दो नहीं बल्कि कई लोगों ने देश की खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी।
    आज देश में बहुत खराब समय चल रहा है आज अनपढ़ लोग पढ़े लिखे लोगों का मजाक उड़ाते दिखाई दे रहे हैं यह देश के लिए अच्छे संकेत नहीं है देश में किस तरह के संकेत दिखाई दे रहे हैं इससे जनता को आंखें खोल कर देख लेना चाहिए इसको देश हर तरफ से समस्याओं से घिरा हुआ है ऐसे में देश को एक दूरदर्शी नेता की जरूरत है जो सुलझा हुआ इंसान हो कोविड-19 से पहले भी श्री राहुल गांधी ने जो जो बातें कही थी वह सब अब सच साबित हो रही हैं।
    जिस व्यक्ति ने अपनी दादी अपने पिता और अपने चाचा की लाशें देखीं हों और उसके बाद भी वह देश की सेवा करने के लिए आगे-आगे हो तो यह समझ जाना चाहिए कि वह ज़हनी तौर पर कितना मजबूत इंसान होगा और जो लोग ऐसे इंसान का मजाक उड़ाते हैं वह मानसिक रूप से कितने विक्षिप्त होंगे। कोई एक इंसान दूसरे का मज़ाक तभी उड़ाता है जब वह उस से हार चुका होता है।
    वही लोग, जो राहुल पर हंसा करते थे, अब उन्हें नई रोशनी में देखने पर मजबूर हुए।
    राहुल गांधी अब नए रास्तों पर बढ़ रहे हैं और उनके भाषणों को अतीत के मुकाबले ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है। वे अब एक हंसमुख, तनावमुक्त और पैने व्यक्ति के तौर पर नज़र आते हैं।
    सबसे अहम बात ये है और राहुल गांधी को विचार करना चाहिए कि उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्षता और भारत में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर क्या सोच रही है।
    हमारे देश के लिए ज़रूरी है कि पता चले कि इन मसलों पर वे और उनकी कांग्रेस पार्टी कहां खड़े हैं?
    कुछ भी हो, ये बात साफ तौर पर स्पष्ट हो चुकी है कि कांग्रेस फिर से खेल में शामिल हो रही है और राहुल गांधी, जिस पर कल तक कोई भी, यहां तक कि उनकी पार्टी भी, दांव लगाने के लिए तैयार नहीं थी, इस बदलाव के लिए मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं।
    कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद श्री राहुल गांधी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं🙏🙏💐💐

    सैय्यद एम अली तक़वी
    syedtaqvi12@gmail.com

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