मेरी शुमार न करो एनआरसी के साथ “बेताब हल्लौरी” मज़ाहिया शायरी शिया पी जी कॉलेज

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    लखनऊ। शिया पी जी कालेज के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज शाम को महाविद्यालय प्रांगड़ में में शेरो-शायरी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मशहूर शायर बेताब हल्लौरी, मुनीर बनारसी और नफीस हैबत गाजीपुरी ने मज़ाहिया शायरी के माध्यम से महफिल में समां बांधा। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सैयद एम.एच. किरमानी और शिया कालेज बोर्ड आफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष प्रो. अज़ीज हैदर, उपाध्यक्ष चौधरी शरीफुल हसन ने शिरकत किया। शायरों के चुटीले अंदाज ने मुशायरा में मौजूद लोगों को खूब हंसाया।
    शायर मुनीर बनारसी ने अपने शायरी में एनआरसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहाकि मेरा शुमार न करो एनआरसी के साथ, नाता जन्म-जन्म का है वाराणसी के साथ। बेताब हल्लौरी ने अपनी शायरी मे कहा, फैला हुआ फैशन का मायाजाल, जिसको मै मिस्टर समझता था, वह मिस बंगाल है। नफीस हैबत गाजीपुरी की शायरी मेरी बीबी की ख्वाईश का लगा अम्बार होता है, ने लोगों को खूब हंसाया। मजाहिया शायरी का संचालन शायर फख़री मेरठी ने अपने चुटीले अंदाज में किया।
    इस अवसर पर मजलिसे उलेमा के सिक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास, प्राचार्य प्रो. तलअत हुसैन नकवी, डॉ. एम.एम. अबु तैयब निदेशक सेल्फ फाइनेंस, मौलाना एजाज अतहर, प्रो. एस.एम. सईद, एम.एम. रिजवान, डॉ. अब्बास जैदी, डॉ. एस. तकवी, कमर हुसैन, जाफर मीर अब्दुल्लाह, मौलाना गजनफर अब्बास, मूसी रजा अर्शी, जहीर मुस्तफा, मोहम्मद अली, मीसम रफीक, मौलाना फसी हैदर, कमर हुसैन चन्दू, डॉ. सोमेश शुक्ला, डॉ. सुकांत चौधरी, प्रो. डी.आर. साहू, डॉ. सरताज शब्बर रिजवी, फिरोज अब्बास, इमरान मिर्जा (मुम्बई) समेत कालेज के बहुत से शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मी मौजूद रहे।

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