बिहार में 31 जुलाई तक लॉकडाउन।

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    पटना : राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में एक बार फिर 16 जुलाई से 31 जुलाई तक लॉकडाउन लगा दिया गया है. पटना जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों की संख्या को नियंत्रित करने को लेकर गृह विभाग ने मंगलवार को लॉकडाउन लागू करने के आदेश जारी कर दिये.

    लॉकडाउन की तरह ही जरूरी सामान मसलन दवा, किराना, फल, सब्जी , मीट, मछली आदि की दुकानें खुली रहेंगी. अन्य दुकानें बंद रहेंगी. लेकिन फल, सब्जी, मीट, मछली आदि की दुकानें सुबह छह बजे से दस बजे तक और शाम में चार बजे से शाम सात बजे तक ही खोलने की इजाजत दी गयी है.

    कमर्शियल कॉम्पलेक्स, शॉपिंग मॉल आदि भी बंद रहेंगे. लोगों को मार्केट में जाने के बजाय होम डिलिवरी से सामान मंगाने का आग्रह किया गया है. इसके लिए प्रशासन कर्मियों को भी लोगों को जागरूक भी करने को कहा गया है. पटना जिले में लोग इधर-से-उधर जा सकते हैं, लेकिन उनके पास आने-जाने का सक्षम कारण होना चाहिए़.

    लॉकडाउन के दौरान अगर इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना है, तो उन्हें नहीं रोका जायेगा. बेवजह के घूमने और पकड़े जाने पर सही कारण नहीं बताने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा एक जिले से दूसरे जिले या राज्य से यहां आने और दूसरे राज्य जाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि पटना जिले में आने और बाहर दूसरे जिले या राज्य में जाने पर रोक नहीं लगायी गयी है.

    क्या-क्या रहेगा बंद
    भारत सरकार के तमाम कार्यालय बंद रहेंगे. साथ ही भारत सरकार से जुड़े स्वायत्त / अधीनस्थ कार्यालय और सार्वजनिक निगम बंद रहेंगे.

    बिहार सरकार और स्वायत्त निकाय, निगम आदि के कार्यालय बंद रहेंगे.

    अन्य सभी सरकारी कार्यालय के प्रमुख के मामले में 33% से अधिक कार्य शक्ति के साथ काम नहीं कर सकते हैं. जिला मजिस्ट्रेट की सूचना के अनुसार सरकारी कार्य होंगे. अन्य सभी कार्यालय केवल घर से काम करना जारी रख सकते हैं.

    पटना हाई कोर्ट प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यायिक कार्यों से संबंधित कार्यालय चलाये जायेंगे.

    वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठान बंद हो जायेंगे.

    सभी परिवहन सेवाओं को निलंबित कर दिया जायेगा.

    कौन-कौन से कार्यालय खुले रहेंगे

    भारत सरकार के डिफेंस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, ट्रेजरी, पब्लिक से जुड़ी सेवाएं मसलन पेट्रोलियम, सीएनजी, पीएनजी, आपदा प्रबंधन, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन यूनिट, पोस्ट ऑफिस, नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर, अर्ली वार्निंग एजेंसी के कार्यालय खुले रहेंगे.

    बिहार सरकार के पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर, इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, इलेक्शन, जेल, जिला प्रशासन, ट्रेजरी, सैनिटाइजेशन, स्वास्थ्य, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, जल संसाधन, कृषि, पशुपालन का कार्यालय खुला रहेगा.

    कौन-कौन से संस्थान, उपक्रम और प्रतिष्ठान खुले रहेंगे
    हॉस्पिल और उससे जुड़े तमाम मेडिकल सेवाएं, सरकारी व निजी दवाओं और उपकरण के मैन्यूफैक्चरिंग व डिस्ट्रिब्यूशन यूनिट खुले रहेंगे.

    दवा दुकान, डिस्पेंसरी, मेडिकल उपकरण दुकान, लेबोरेटरी, क्लिनिक, नर्सिंग होम, एंबुलेंस की सेवाएं जारी रहेंगी.

    मेडिकल सेवाओं से जुड़े तमाम कर्मियों मसलन, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ और अन्य स्टाफ को आने-जाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी. वे निजी वाहनों से हॉस्पिटल या दुकान पर जा सकते हैं. मरीज भी इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल या नर्सिंग होम जा सकते हैं.

    राशन दुकानें, भोजन, किराने की दुकानें, फल व सब्जी की दुकानें, दुग्ध और उससे जुड़े उत्पादों की दुकानें, मीट व मछली, चारा, कृषि से संबंधित दुकानें खुली रहेंगी.

    बैंक, इंश्योरेंस कार्यालय, एटीएम, कैश प्रबंधन, आई सेवाओं को मुक्त रखा गया है.

    प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कार्यालय खुले रहेंगे.

    दूरसंचार, इंटरनेट सर्विसेज, ब्रॉडकास्टिंग और केबल सर्विस के कार्यालय खुले रहेंगे और सेवाएं जारी रहेगी. आइटी और आइटी से जुड़ी सेवाएं केवल आवश्यक सेवाओं के लिए ही खुली रहेंगी. ज्यादा से ज्यादा घर से ही कार्य करने के निर्देश दिये गये हैं.

    पेट्रोल पंप, एलपीजी पेट्रोलियम व गैस के रिटेल और गोदाम खुले रहेंगे.

    विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण यूनिट और सेवाएं जारी रहेंगी.

    कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग सेवाएं, निजी सुरक्षा सेवाएं, होटल, मोटल, लॉज, आतिथ्य सेवाएं, रेस्तरां, ढाबा, भोजनालयों को केवल होम डिलीवरी के साथ खोलने की अनुमति है.

    नागरिक उड्डयन मंत्रालय और मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार

    रेलवे, वायु और रेल परिवहन क्रियाशील रहेगा.

    पूरे बिहार में टैक्सियों, ऑटो रिक्शा आदि की अनुमति होगी.

    उल्लिखित गतिविधियों के लिए निजी वाहनों को पूरे बिहार में अनुमति दी रहेगी.

    गोदामों में लोडिंग और अनलोडिंग सहित बिना किसी बाधा के माल के परिवहन की अनुमति होगी.

    सभी सरकारी वाहनों और सरकारी कार्यालय के कर्मचारियों को ले जानेवाले निजी वाहनों को अपने कार्यालय के आई-कार्ड पर आने की अनुमति होगी.

    सभी आवश्यक सेवा प्रदाताओं को केवल घर से कार्यस्थल तक जाने की अनुमति होगी.

    निर्माण संबंधी दुकानों के कामकाज के साथ सभी निर्माण संबंधी गतिविधियों की अनुमति होगी.

    कृषि संबंधी दुकानों के कामकाज के साथ-साथ सभी कृषि संबंधी गतिविधियों को अनुमति रहेगी.

    इन कर्मियों को भी मिलेगी छूट
    नगर निकाय, वन कार्यालय, चिड़ियाघार, नर्सरी के संचालन और रखरखाव, पार्क, वृक्षारोपण, जंगलों में अग्निशमन, मानव-वन्यजीव संघर्ष से निबटने सहित वन्यजीव बचाव, प्रदूषण निगरानी स्टेशन, अभयारण्यों के जल संरक्षण से संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे.

    किशोर कल्याण अधिनियम, वृद्धाश्रम के तहत बाल देखभाल संस्थों के संचालन और रखरखाव के लिए समाज कल्याण कर्मचारियों और श्रमिकों की जरूरत,

    महिलाओं, निराश्रितों और विकलांग व्यक्तियों के लिए घर, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सुरक्षा भत्ते का भुगतान करने के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन और संबंधित क्षेत्र और मुख्यालय कार्यालयों का भुगतान करना.

    उपरोक्त कार्यालय को कम-से-कम कर्मचारियों के साथ काम करना चाहिए.

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