बाराबंकी जनपद में आयोजित हुई दूसरी ई-लोक अदालत

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उ0प्र0राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मंशानुरूप माननीय जनपद न्यायाधीश श्री राम अचल यादव के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बाराबंकी द्वारा जनपद न्यायालय एवं जिला कारागार बाराबंकी के मध्य आज दिनांक-17.10.2020 को दूसरे ई-लोक अदालत का अयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री स्वेता चन्द्रा द्वारा बताया गया कि नोबेल कोरोना वाइरस के संक्रमण के चलते लोक अदालतों का आयोजन पिछले कुछ महिनो से नहीं हो पा रहा है जिसके कारण लोगों को निःशुल्क न्याय पाने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड रहा है इसी कारण उ0प्र0राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुक्रम में जिला बाराबंकी में पहले ई-लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय व जिला कारागार बाराबंकी के मध्य आयोजित किया गया। माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय की स्वीकृति से श्रीमान नोडल अधिकारी श्री अशोक कुमार यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में इस आन लाइन लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। आयोजन हेतु श्री नन्द कुमार सी0जे0एम0 द्वारा श्री आदर्श श्रीवास्तव ए0सी0जे0एम0 प्रथम को लोक अदालत में मामलों को निस्तारित करने हेतु पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया। आयोजन के संचालन हेतु श्री वीरेन्द्र नाथ पाण्डेय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी कम्प्यूटर अनुभाग द्वारा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जनपद न्यायालय बाराबंकी को जिला कारागार बाराबंकी से जोड़ा गया और लोक अदालत सम्पन्न कराया गया। सचिव लोक अदालत द्वारा यह भी बताया गया कि पूर्व में ही इस लोक अदालत की पूर्ण रूप रेखा नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत की संरक्षता में तैयार किया गया और जेल प्रशासन को पत्र प्रेषित कर जेल में नामित पराविधिकों के द्वारा पात्र बंदियों के प्रार्थना पत्र तैयार करा लिये गये थे और प्राप्त प्रार्थना पत्रों को श्री निश्चल शुक्ला ए0सी0जे0एम0 द्वारा आज वीडियो कान्फ्रेन्सिग के माध्यम से जेल प्रशासन से जुड़ कर बंदियों से वीडियों कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से वार्ता कर निस्तारित किया गया।
इस ई-लोक अदालत हेतु श्री आदर्श श्रीवास्तव ए0सी0जे0एम0 प्रथम को कुल 39 बंदियों के प्रार्थना पत्र प्राप्त कराये गये थे सभी बंदियों से वीडियो कान्फ्रेन्सिग के माध्यम से वार्ता की गई। वार्ता के उपरांत 09 मामले निस्तारण योग्य पाते हुए जुर्म स्वीकार के आधार पर निस्तारित किया गया। कुल 28 मामले ई-लोक अदालत में निस्तारित किये जाने योग्य नहीं पाये गये जबकि 02 बंदियों द्वारा जुर्मस्वीकार से इंकार किया गया।
सचिव सुश्री स्वेता चन्द्रा द्वारा बतया गया कि ई-लोक अदालत में न्याय चला निर्धन से मिलने की परिकल्पना को सही साबित करते हुए ऐसे बंदी जो अर्थदण्ड से छोटी सजा से छोड़े जा सकते थें, उन्हें सुनकर उनकी जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर निर्णय पारित करते हुए मामलों को समाप्त किया गया। टैक्नालाजी के कुशल संचालन से भी न्याय लोगों को दिया जा सकता है यह ई-लोक अदालत ने साबित कर दिया। ई-लोक अदालत में बंदी गुफरान, रियाजुद्दीन, अजय, कपिल, शाहिल, संजय रावत, अजय उर्फ विपिन, वेद प्रकाश, व सूरज लाभान्वित हुए हैं।
ई-लोक अदालत में कार्यालय प्रभारी विपिन कुमार सिंह, सहायक लवकुश कनौजिया, आनन्द श्रीवास्तव, संदीप वर्मा न्यायालय की ओर से एवं राजेश कुमार डिप्टी जेलर जिला कारागार शामिल हुए।
नोडल अधिकारी श्री अशोक यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ई-लोक अदालत के आयोजन पर सभी को बधाई देते हुए भविष्य में नियमित रूप से ई-लोक अदालत के आयोजन करने एवं लोगो से सरल व सुलभ न्याय दिलाते रहने के लिए प्रेरित किया।

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