बहराइच मे महिला सुरक्षा एवं बाल संरक्षण को लेकर कार्यशाला हुई आयोजित

0
38

शादाब हुसैन
बहराइच।पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के ग्रामीण थाना क्षेत्र में तैनात महिला आरक्षियो को लाइन में आमंत्रित कर बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा के संबंध में उनकी प्रभावी भूमिका और भागीदारी किस प्रकार हो सकती है के बारे में कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक ,सीडीओ बहराइच एवं स्वयंसेवी संस्था देहात के अधिकारियों ने महिला आरक्षण को संबोधित किया।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने सर्वप्रथम महिला आरक्षीगण बीट पुस्तिका की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में विस्तार से समझाया तथा बीट सूचना अंकित कराकर निरोधात्मक कार्यवाही से होने वाले कानूनी महत्वपूर्ण समझाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने महिला आरक्षियों से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी की तथा उसके समाधान के निर्देश भी दिए। इसके बाद बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा के बारे में पुलिस अधीक्षक ने प्रदेश भर में हो रही घटनाओं के दृष्टिगत सबको संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि महिला आरक्षियो को उनकी बीट में जो गांव आवंटित हैं। उनमें जनसंपर्क बढ़ाया जाए तथा जनसंवाद के माध्यम से बीट के गांव में नियुक्त ग्राम प्रधान, चौकीदार, ग्राम पंचायत सचिव, आशा बहू, एएनएम, डिजिटल वालंटियर, स्वास्थ्य विभाग एवं आंगनवाड़ी की कार्यकत्रियों से संवाद बनाते हुए गांव में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार एवं हिंसा के मामलों की जानकारी करने तथा उसकी बीट सूचना अपने थाने में दर्ज कराकर प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही समय से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा महिला आरक्षियों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि आर्थिक व शैक्षिक रूप से आत्म निर्भर स्त्री ही पुरुष प्रधान समाज से मुकाबला कर सकती है, महिला आरक्षी होने के कारण आपको कानूनी संरक्षण प्राप्त है। जिससे आपकी सुपीरियर सिस्टम और भी मजबूत होगा। महिलाओ व बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध को रोकने के लिए प्रथम चरण में स्त्री / पीड़ित बालक की पहचान और कर बीट पुस्तिका में उसका अंकन करना तथा मुकदमों और निरोधात्मक कार्रवाई का विवरण भी बीट पुस्तिका में अंकन कर द्वितीय चरण में आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण का अभियान चलाकर बच्चों/महिलाओं को सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उनकी पात्रता के हिसाब से दिलाना ताकि सामाजिक व्यवस्था में बच्चों और महिलाओं का स्थान निश्चित हो सके व उन्हें व्यक्ति की गरिमा प्राप्त हो सके और सरकार का सर्व समाज का हितलाभ जनमानस के स्वरूप हो सके।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी दृढ़ता से सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि महिला एवं बाल संबंधी अपराधों के अपराधी जमानत प्राप्त करने के पश्चात जब जेल से छूटते हैं और अपना केस समाप्त करने के लिए पीड़िता एवं उसके परिजनों को तरह-तरह के प्रलोभन एवं धमकियों से प्रभावित करते हैं, तो इस प्रकरण की जानकारी पीड़ित परिवार के सदस्यों एवं पीड़िता से संपर्क कर प्रभावी विधिक कार्यवाही थानाध्यक्ष के माध्यम से सुनिश्चित कराये और पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क रखा जाए जिससे पीड़ित परिवार तो किसी भी प्रकार से आरोपी गण के उत्पीड़न अथवा दमन का शिकार ना होना पड़े।
इस कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कविता मीणा द्वारा भी प्रतिभाग करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सुविधाओं एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति को दिलाने हेतु महिला आरक्षी गण को संज्ञानित कराया गया।
बीट बुक में सूचनाओ के अंकन करने वाली 05 महिला आरक्षियों जिनमे प्रिया पांडेय थाना मटेरा,नीलम यादव थाना मुर्तिहा,सीमा थाना मुर्तिहा, ज्योति गुप्ता थाना नवाबगंज सोनी सिंह थाना मुर्तिहा को पांच पांच सौ रूपये से पुरस्कृत किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here