परिपक्व नेता के तौर पर उभरी प्रियंका गांधी बदल रही है राजनीति की तस्वीर

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    उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी प्रभारी एवं महासचिव बनने के बाद से काफ़ी सक्रिय हैं। जो अक्स जनता ने प्रियंका गांधी में देखा था वह उसी का प्रदर्शन कर रही हैं। शायद यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और बीजेपी नेताओं से लेकर बसपा सुप्रीमो तक प्रियंका गांधी पर निशाना साधने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रियंका गांधी सिर्फ योगी सरकार पर ही तेवर सख्त किए हुए हैं और हमला कर रही हैं। और बसपा सुप्रीमो के हमलों को नजरअंदाज कर रही हैं। यही राजनीतिक परिपक्वता है जो खून में शामिल है।
    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के यूपी में सक्रिय होने से बीजेपी ही नहीं बसपा और सपा की भी परेशानियां बढ़ी हैं जो उनके वक्तव्यों से साफ दिखाई दे रहा है।
    कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर हमला करते हुए सोनभद्र में जमीन मामले को लेकर हुए नरसंहार के मामले से लेकर उन्नाव में रेप पीड़िता को जलाने तक का मामला, फिर सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में पुलिसिया कार्रवाई में पीड़ितों की आवाज उठाने का मामला, प्रियंका गांधी इन तीनों मुद्दों पर विपक्षी दलों को काफी पीछे छोड़ दिया है। जिसका नतीजा है कि सरकार एवं अन्य विपक्षी पार्टियों में बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।
    राजनीति की रणनीति के तहत कांग्रेस, बसपा से दो-दो हाथ करने के बजाय योगी बनाम प्रियंका की सियासी बिसात बिछा रही हैं। जिसमें उसे कामयाबी भी मिली है। प्रियंका गांधी अपने मोहरे अच्छी तरह चल रही हैं।
    पिछले लोकसभा चुनाव में हार के बाद अब कांग्रेस को यूपी में दोबारा खड़ा करने की कवायद प्रियंका गांधी खुद ही कर रही हैं। यूपी की कमान जब से प्रियंका गांधी ने संभाली है, तब से प्रदेश में कांग्रेस सड़कों पर आंदोलन करती नजर आ रही है। कार्यकर्ताओं में जोश नज़र आ रहा है। कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह में यह साफ दिखाई दिया। प्रियंका गांधी लगातार ट्विटर से लेकर सड़क पर उतरकर संघर्ष करने और अपने बयानों के जरिए योगी सरकार पर हमले पर हमले बोल रही हैं वहीं प्रदेश की योगी सरकार भी प्रियंका गांधी के बयानों और हमलों पर पलटवार करने में वक्त नहीं लगाती है। जो उसकी नाकामी और डर का सबूत है।
    हाल ही में उतर प्रदेश में सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई में करीब 22 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। प्रियंका गांधी ने मृतकों और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों के परिवार वालों से मुलाकात करने के साथ-साथ सरकार पर जमकर हमला बोला है। स्थापना दिवस के अवसर पर वह जिस तरह पीड़ितों से मिलने निकली प्रदेश के ठंडे मौसम में गर्म उबाल आ गया।
    प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे को छोड़ने को तैयार नजर नहीं आ रही हैं। हर मुद्दे पर उनकी निगाह रहती है। प्रदेश में हर बड़ी घटना होने पर जिस तरीके से प्रियंका गांधी अपने को दूसरे सियासी नेताओं से आगे रख रही हैं, यह उन्हें उत्तर प्रदेश की राजनीति में अलग मुकाम और अलग रूतबा दे रहा है। अन्य विपक्षी पार्टियां शून्य में चली गई हैं। प्रियंका गांधी की राजनीतिक गतिविधियां और राजनीतिक चाल ने सिर्फ योगी और बीजेपी बल्कि सपा और बसपा को भी हिला कर रख दिया है। यही वजह है कि सपा अध्यक्ष को भी जमीन पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है तो बसपा प्रमुख मायावती को भी बयान देना पड़ा रहा है और वो योगी सरकार से ज्यादा प्रियंका गांधी पर हमलावर हैं ऐसा लग रहा है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। हालांकि वह कांग्रेस महासचिव का नाम नहीं ले रही हैं। इसके विपरीत कांग्रेस, बसपा सुप्रीमो के हमलों को नजरअंदाज कर रही हैं। यही प्रियंका गांधी का स्ट्रेट शाट है जो कांग्रेस को आगे बढ़ा रहा है।
    दरअसल कांग्रेस यूपी की लड़ाई को योगी बनाम प्रियंका बनाने में जी जान से लगी हैं । कांग्रेस राजनीति के मैदान में इस बात को अच्छी तरह जानती है कि सपा या बसपा के सवालों में उलझेगी तो राजनीतिक तौर पर जनता में यही संदेश जाएगा कि विपक्ष आपस में ही लड़ रहा है। यह एक बुद्धिमान एवं सुलझे नेता की पहचान है। इसीलिए कांग्रेस अन्य विपक्षी पार्टियों पर पलटवार करने के बजाय योगी सरकार को निशाने पर ले रही हैैं।
    बहरहाल 2020 शुरू हो गया है और आने वाले समय में 20-20 शाट्स कांग्रेस की तरफ़ से देखने को मिलेंगे।
    जय हिन्द।

    सैय्यद एम अली तक़वी
    ब्यूरो चीफ- दि रिवोल्यूशन न्यूज
    निदेशक- यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट, लखनऊ
    उप-निदेशक- स्पेशल क्राइम ब्यूरो, लखनऊ
    syedtaqvi12@gmail.com

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