नेपाल मे कोरोना काल मे वंचित रहे माँ बागेश्वरी के दर्शनों से श्रद्धालु

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शादाब हुसैन
बहराइच।पड़ोसी राष्ट्र नेपाल मे सदियों से भारतीय सीमा से सटे नेपाली ज़िला बांके के मुख्यालय नेपालगंज में स्थित माँ बागेश्वरी के दर्शनों का लाभ आस्थावान भक्त लेते आ रहे थे।परंतु इन शारदीय नवरात्रों में बांके ज़िला प्रशासन ने इस सिद्धपीठ के पूर्व व पश्चिम के मुख्य द्वार ही बंद कर दिये।इस वजह से मंदिर पर कर्मकांड हवन आदि कराने वालों की रोज़ी रोटी ही नही छिनी अपितु बागेश्वरी मंदिर के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले परंपरागत भक्त माता के दर्शनों से वंचित रह गए।वर्षों से दोनो नवरात्रों में नित्य सुबह शाम रुपईडीहा से चलकर सात किलोमीटर दूर माता बागेश्वरी के दर्शनार्थ जाने वाले माता भक्त डॉ0 सनत कुमार शर्मा ने कहा कि बांके प्रशासन को कोविड की सारी शर्तो को पालन कराते हुए माता के दर्शनों से भक्तों को वंचित नहीं करना चाहिए था।डॉ0 शर्मा ने आगे बताया कि बहराइच,श्रावस्ती, गोंडा व बलरामपुर सहित नेपाली ज़िला बांके, बर्दिया, सुर्खेत व दांग तक के श्रद्धालु अपने विभिन्न संस्कारों के लिए इन दिनों मंदिर आया करते थे।दशकों से अपनी मनौती पूर्ण होने की अभिलाषा लिए कस्बे के रामकुमार वैश्य पैदल ही माता बागेश्वरी के दर्शन करने नित्य जाया करते थे।उनकी आस्था पर भी गहरी चोट पहुंची है।
यही नहीं नेपाल का थारू व मधेशी समुदाय सहित नेपाली समुदाय सपरिवार अपनी मनौती पूर्ण होने पर माता को भेंट भी चढ़ाते थे।परंतु इस बार वैश्विक कोविड महामारी को लेकर पूरब दिशा के द्वार पर लगी बेरिकेडिंग के पास सीढियो पर ही मत्था टेक कर व पुष्प अर्पित कर श्रद्धालु वापस लौट रहे हैं।भारतीय क्षेत्र के बागेश्वरी भक्त इस बार दर्शनों से वंचित ही रहे।इस कारण भक्तो मे इस बार निराशा पायी गयी।

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