जो BJP पुलवामा अटैक में शामिल कार की जांच ढाई साल में नहीं कर पाई, उसने कांग्रेस की हज़ार बसों की जांच ढाई मिनट में कर ली: हार्दिक पटेल

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    22 मई 2020

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रवासी मज़दूरों की मदद के लिए यूपी की योगी सरकार के सामने हज़ार बसों की पेशकश रखी थी। इस पेशकश को पहले तो सीएम योगी ने कबूल कर लिया, लेकिन फिर नाटकीय अंदाज़ से इन बसों को चलने की परमिशन नहीं दी। सरकार ने कांग्रेस से इन बसों के पेपर्स और ड्राइवर की डिटेल्स मांगी, जिसे पार्टी ने दे दिया।

    इसके बाद तुरंत ही सरकार ने सभी हज़ार बसों के पेपर्स की जांच कराई और इनमें से कुछ बसों को अनफिट करार दे दिया। सरकार ने बिना किसी देरी के ये बयान जारी कर दिया कि पेपर्स की जांच में कई बसें अनफिट पाई गई हैं, इसलिए इन्हें चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    सरकार द्वारा बसों के पेपर्स की जांच किए जाने पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से जब इंश्योरेंस, परमिट और रिपेयरिंग का काम ठप्प पड़ा हुआ है, ऐसे समय में पेपर्स की मांग सरकार की मंशा को साफ कर देती है।

    आरोप लगाए जा रहे हैं कि सरकार जान बूझकर पेपर्स में खामी निकालकर बसों को चलने से रोक रही है। इसके साथ ही बीजेपी सरकार द्वारा पेपर्स की जांच में दिखाई गई तत्परता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो बीजेपी पुलवामा अटैक में शामिल कार की जांच ढाई साल से नहीं कर पाई, उनसे हज़ार बसों की जांच महज़ कुछ मिनटों में ही कर ली। आखिर कैसे?

    गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने ट्विटर लिखा, “कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मज़दूरों की मदद के लिए राजस्थान से उत्तरप्रदेश 1000 बस भेजी, जिसके नंबर उत्तरप्रदेश सरकार ने ढाई मिनट में ( झूठ बोलकर ) चेक कर लिए लेकिन ग़ज़ब बात यह है की पुलवामा अटैक में शामिल कार की जांच भारत सरकार ढाई साल से कर रही हैं।”

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