खाली हो गई जमीन एक और मसीहा से

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    डॉक्टर हसन रजा ने इस दुनिया को अलविदा कहा।
    *इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलैहे राजेऊन*

    जी हां डॉक्टर हसन रजा जिन्हें लोग डॉक्टर कल्लन भी कहते थे। जमीन पर ईश्वर अगर देखना होता था डॉक्टर हसन रजा साहब के क्लीनिक जाकर देखा जा सकता था कहा गया है कि डॉक्टर भगवान होता है लेकिन ऐसा देखने में सिर्फ डॉक्टर हसन रजा साहब की क्लीनिक में ही आता था। आज के दौर में अधिकतर डॉक्टर भगवान ना हो करके व्यवसायिक हो चुके हैं जहां डॉक्टरों की अपनी फीस है 500 से लेकर के हजार रुपए तक और कहीं कहीं तो इससे भी ज्यादा । वहीं ईश्वर की शक्ल में एक ऐसा इंसान भी लखनऊ की जमीन पर मौजूद था जिसे लोग डॉक्टर हसन रजा के नाम से जानते थे । रुदौली के रहने वाले डॉक्टर हसन रजा इंसानियत की एक मिसाल थे निहायत ही शरीफ ईमानदार और नरम लहजे में बात करने वाले डॉक्टर, ऐसे डॉक्टर बहुत कम दिखाई देते हैं इनके क्लीनिक में हमेशा मरीजों की भीड़ रहती थी खास करके वह मरीज जो गरीब होता था अगर वह पैसा दे पाने में असमर्थ होता था तो डॉक्टर साहब बगैर पैसे के उसको दवा देते थे और अपनी तरफ से जो मदद हो सकती थी उस मरीज की करते थे अक्सर मरीज भी डॉक्टर साहब को प्यार से “अब्बू” पुकारते थे।
    मरीजों से पैसा हासिल करना इनका पेशा नहीं था मरीजों को सिर्फ और सिर्फ सेहत और शिफा देना इनका शौक था अक्सर क्रिटिकल मरीजों को यह खुद दूसरी जगह पर रेफ़र करते थे और साथ में उस डॉक्टर के लिए लेटर भी लिख कर देते थे।
    आज के दौर में जहां डॉक्टर्स हजारों रुपए अपनी फीस ले लेते हैं और हजारों रुपए की दवा बाहर से लिख देते हैं वही डॉक्टर हसन रजा 20 से लेकर ₹50 में सारी दवाएं मरीज को देते थे।
    आज इंसानियत का एक दरवाजा बंद हो गया और शायद गरीबों का मसीहा भी इस दुनिया से चला गया उनकी शराफत नेक नियत और इंसानियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज तमाम सोशल मीडिया पर उनके इंतकाल की खबरों से लोग गम का इजहार कर रहे हैं।
    अभी उनके बेटों की जिम्मेदारी है डॉक्टर हसन रजा साहब के जरिए खड़े किए इंसानियत की बेमिसाल इमारत को उन्हीं के नक्शे कदम पर चल कर संभाले ताकि लोगों की उम्मीदें जिंदा रहें।
    अल्लाह से दुआ है कि डॉक्टर हसन रजा साहब को जन्नत में आला मक़ाम अता फरमाए और उनके घर वालों को सब्र करने की ताकत अता फरमाए।

    सैय्यद एम अली तक़वी
    निदेशक, यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट

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