उ,प्र लखनऊ स्थित रिफा-ए-आम क्लब की बदहाली पर चर्चा,जल्द राज्यपाल,मुख्यमंत्री से अवैध कब्जे हटाने व मरम्मत की अपील

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    लखनऊ दिनांक ,19- 7- 2020 राजा झाऊलाल सद्भावना मिशन के संस्थापक डॉ अनूप श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन मीटिंग हुई ।मीटिंग में जहां अवध की ऐतिहासिक इमारतों की जर्जर हालत पर चर्चा हुई, वही मिशन के प्रवक्ता अली मीसम ने लखनऊ सिटी स्टेशन स्थित रिफा-ए-आम क्लब जो कि आज जर्जर अवस्था में पड़ा है। क्षेत्र के गुंडों द्वारा उसकी ज़मीन पर दुकाने अवैध बस स्टैंड बगैर किसी विभाग के अनुमति के बड़े जोर शोर से संचालित है ।साथ ही साथ लखनऊ नगर निगम ने इस ऐतिहासिक इमारत के मुख्य द्वार पर एक कूडा घर बना रखा है। उन्होंने कहा कि रिफा-ए-आम क्लब के इतिहास में आजादी के बाद से अब तक की सरकारों ने जैसे इस ऐतिहासिक इमारत से मुंह मोड़ा हुआ हैं ।उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत का निर्माण 1860 में अंग्रेजों की ख़िलाफत के लिए किया गया था , क्योंकि हजरतगंज में स्थित थियेटर (जीपीओ) व छत्तर मंजिल मे हिंदुस्तानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध था। इसी के खिलाफ नवाबों और ताल्लुकदारों ने मिलकर इस भव्य इमारत का निर्माण कराया। जिसमें बैडमिंटन, कोर्ट, टेनिस कोर्ट व एक भव्य पुस्तकालय का निर्माण कराया, जिसका निर्माण 1883 में पूर्ण हुआ। इस टेनिस कोर्ट से गौस मोहम्मद जैसे महान टेनिस खिलाड़ी जो 1939 में विबंलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे व गौस मोहम्मद क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के दिग्गज खिलाड़ी बॉब रिब्स से पराजित हुए। वह पहले हिंदुस्तानी थे जिन्होंने इंटरनेशनल टेनिस टूर्नामेंट में भाग लिया था। वहीं इसी इमारत में 1936 में हिंदी साहित्य का प्रथम अधिवेशन हुआ। जिसकी अध्यक्षता हिंदी साहित्य के गुरु माने जाने वाले मुंशी प्रेमचंद ने की ।वहीं इस इमारत में 1920 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने एक सभा को संबोधित करते हुए अंग्रेजो के ख़िलाफ लड़ाई में जुड़ने के लिए लखनऊ वासियों से अपील की, और ख़िलाफत कॉन्फ्रेंस भी यही हुई। इस ऐतिहासिक इमारत के इतिहास को सुनते हुए ,डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव ने मिशन के सभी सदस्यों को आश्वासन दिलाया है कि इस इमारत को बचाने के लिए जल्द से जल्द उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल को इसके पुनर्निर्माण के लिए निवेदन करेंगे व इस इमारत को बचाने के लिए जो संभव प्रयास होगा , किया जाएगा।

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