ईरानियों ने इस्राईल की 300 वेबसाइटें हैक कीं? क्या इस्राईल व ईरान में छिड़ चुकी है साइबर वॉर?

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    24/5/2020

    ईरानियों ने इस्राईल की 300 वेबसाइटें हैक कीं? क्या इस्राईल व ईरान में छिड़ चुकी है साइबर वॉर? अगर यह लड़ाई पारंपरिक युद्ध में बदली तो क्या होगा?
    हालिया दिनों में रिपोर्ट आयी है कि इस्राईली मंत्रिमंडल ने 7 मई को एक बेहद खुफिया बैठक का आयोजन किया और उसमें भाग लेने वाले हर मंत्री से कहा गया था कि बैठक में तय होने वाली किसी बात को लीक नहीं करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में ईरान के साइबर अटैक पर चर्चा हुई और इसे ईरान की ओर से बेहद भड़काऊ क़दम और रेड लाइन को पार करना बताया गया।

    इस्राईली टीवी चैनल पर बात करते हुए इस्राईली सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, जनरल आमूस गेलाद ने कहा कि इस्राईल, साइबर वॉर में बहुत आगे है लेकिन इस मैदान में ईरानियों को कम समझना बहुत बड़ी गलती है क्योंकि ईरानी लोग, बेहद तेज़ दिमाग वाले होते हैं और हमें विभिन्न क्षेत्रों में उनके अविष्कारों विशेषकर गणित में उनकी खोजों को भूलना नहीं चाहिए और ईरानी, साइबर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए निरंतर कोशिश कर रहे हैं। इस लिए तेलअबीव को चाहिए कि इस विषय को गंभीरता से ले।

    लेकिन इस्राईली सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख जनरल आमूस यादलीन का कहना है कि साइबर क्षेत्र में ईरान और इस्राईल की तुलना ही नहीं की जा सकती है क्योंकि इस्राईल, दुनिया में नंबर वन इलेक्ट्रानिक पॉवर है। उन्होंने कहा कि मैं ईरानियों की साइबर शक्ति का मज़ाक नहीं उड़ा रहा हूं लेकिन हमारी शक्ति के सामने उनका कोई महत्व नहीं है और सीरिया में उन्होंने इस्राईल का जवाब देने में विफलता के बाद इस तरह का साइबर अटैक किया है।
    उन्होंने दावा किया कि ईरानी, इस्राईल को नुक़सान पहुंचाने का आसान रास्ता तलाश कर रहे हैं और इंटरनेट इसका समाधान है लेकिन उनके हमले का मक़सद पूरा नहीं हुआ है लेकिन इस्राईल को यह संदेश पहुंच गया है और इस्राईल इस संदेश का कड़ा जवाब देगा क्योंकि यह बहुत बड़ी शत्रुता है।

    उन्होंने कहा कि साइबर वॉर बहुत अच्छा समाधान है लेकिन अस्थाई है, इस तरह से हमले में खर्च कम आता है और ज़्यादा सटीक निशाना लगाया जाता है और हमले के ज़िम्मेदारों का पता लगाना भी कठिन होता है लेकिन चिंता की बात यह है कि अगर यह साइबर वॉर , असली युद्ध में बदल गयी तो क्या होगा? लेकिन हमें लगता है कि ईरानियों को ज़्यादा खतरा है इस लिए टकराव इस सीमा से आगे नहीं बढ़ेगा।

    तेलअबीव युनिवर्सिटी में ईरानी मामलों के विशेषज्ञ प्रोफेसर टीस्मिथ का कहना है कि ईरान, इस्राईल के साथ सैन्य टकराव नहीं चाह रहा है कम से कम इस समय, इसकी बहुत से वजहें हैं लेकिन फिर भी हम ईरान व इस्राईल के बीच टकराव की ओर बढ़ रहे हैं और हो सकता है कि उसका आरंभ, साइबर युद्ध से हो गया हो।

    याद रहे विश्व क़ुद्स दिवस के अवसर पर इस्राईल की कई हज़ार अहम वेबसाइटों और डेटा इंफ़्रांस्ट्रक्चर पर व्यापक साइबर हमलों से इस्राईल में हंगामा मच गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार अचानक हज़ारों इस्राईली वेबसाइटों के होम पेज ब्लैक हो गए और उन पर अग्रेज़ी और हेबरू भाषाओं में यह वाक्य नज़र आने लगा कि इस्राईल के विनाश की उलटी गिनती आरंभ हो चुकी है।

    इस बड़े साइबर अटैक के बाद इस्राईल में हड़कंप मच गया और बड़े पैमाने पर बैठकों का आयोजन हो रहा है।

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