इंटरनेट सेवा बंद करना विरोध रोकने का हल नहीं- सैय्यद एम अली तक़वी

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    नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। इसके अलावा दिल्ली के साथ साथ और जगह भी इंटरनेट सेवा बंद की गई।
    इंटरनेट आम लोगों की जिंदगी से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है और इसकी सेवाएं बंद होने से न सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं और आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। इंटरनेट जैसी सेवाएं बेहद विपरीत परिस्थितियों में ही बंद होनी चाहिए।
    हालांकि सरकार एवं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा होने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा लेकिन विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद करना हल नहीं है!
    सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इतनी हिंसा हुई क्यों? यदि प्रशासन जनता को शांति पूर्ण प्रदर्शन के लिए सहयोग करता तो शायद कुछ नहीं होता। मगर सरकार की ज़िद की तरह प्रशासन भी ज़िद पर अड़ गया जिससे जनता आक्रोशित हो गई और इसका लाभ दंगाइयों ने उठाया और जनता में शामिल होकर देश एवं प्रदेश का नुक़सान किया।
    प्रशासन को चाहिए कि हर क्षेत्र के संभ्रांत लोगों को अपने साथ लेकर अपनी रणनीति बनाये। पुलिस प्रशासन के पास वह ताकत है कि अगर वह चाह ले तो आम आदमी क्या कोई ऊंचे पद वाला व्यक्ति भी कोई ग़लत काम नहीं कर सकता है। इसके लिए प्रशासन को दबाव मुक्त होकर कार्य करना होगा।
    क्षेत्रीय पार्टियों को भी सोचना होगा कि कानून के दायरे में रहकर प्रदर्शन करें और जनता को वरगलाने की कोशिश ना करें। आम जनता को भी यह ध्यान रखना चाहिए कि देश हमारा है और सरकारी सम्पत्तियों को नुक्सान पहुंचाकर हम अपना नुकसान कर रहे हैं। जनता के पैसे से जनता के लिए सुविधाएं दी जाती हैं। इसलिए इसे बर्बाद ना करें। जनता के द्वारा ही सरकार बनती है बगैर जनता की संतुष्टि के सरकार कुछ नहीं कर सकती।
    जब संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति, जो लोगों को संविधान के तहत अधिकार दिलाने की शपथ लेता है उसको बोलने के अपने अधिकार का इस्तेमाल संवैधानिक शपथ के अनुरूप करना होगा। सरकार के लिए मानवाधिकार का पालन करना और कराना उसकी जिम्मेदारी है।
    जनता को विश्वास में लेकर काम करने की जरूरत है। दमन प्रक्रिया सही नहीं है। जनता का दमन करने से जनता और उभर कर सामने आती है। इसलिए सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास पर अमल कर कोई कार्य करना चाहिए। सिर्फ़ नारे से कुछ नहीं होगा।
    जय हिन्द।

    सैय्यद एम अली तक़वी
    ब्यूरो चीफ-दि रिवोल्यूशन न्यूज
    निदेशक- यूरिट एजुकेशन इंस्टीट्यूट
    syedtaqvi12@gmail.com

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