आयतुल्लाह सिस्तानी का सऊदी अखबार द्वारा अपमान, इस्लामी दुनिया में विभाजन पैदा करने का निंदनीय प्रयास : मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी

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    लखनऊ, 6 जुलाई : मजलिसे उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने सउदी अखबार अश्शरकुल अवसत में शियों के बुज़ुर्ग आलिम आयतुल्लाह सैयद अली सीसतानी के अपमानजनक कार्टून प्रकाश्ति करने की कड़ी निंदा की, उन्होंने इसे आक्रोशित करने और इस्लामी दुनिया को विभाजित करने का प्रयास बताया।
    मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने अपने बयान में कहा कि सऊदी अखबार अश्शरकुल अवसत का यह अपमानजनक रवैया असहनीय है।
    मौलाना ने कहा कि सऊदी अरब इस समय बौखलाहट का शिकार है क्योंकि उसके सभी षड्यंत्रों और नापाक योजनाओं को इस्लामी नेतृत्व ने विफल कर दिया है। दुश्मन मरजईयत की ताकत और उसकी महानता के बारे में अच्छी तरह से जानता है, इसलिए वह उनकी गरिमा का अपमान करके अपने ग़म व ग़ुस्से को कम करने की कोशिश कर रहा है। मौलाना ने कहा कि सऊदी गठबंधन को विभिन्न मोर्चों पर ज़िल्लत भरी हार मिली है, जिसके बाद वह लगातार खिसयाहट का शिकार है और एसी हरकतें कर रहा है। विशेष रूप से, आई0एस0आई0एस0 के ख़ातमे ने उसकी आतंकवादी गतिविधियों की कमर तोड़ दी है। सऊदी अरब अच्छी तरह से जानता है कि आयतुल्लाह सीसतानी के फतवे ने आई0एस0आई0एस0 के ख़ातमें में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, यही कारण है कि वह उनकी दुश्मनी में अंधा हो गया है और उनके अपमान की कोशिश करता रहता है।
    मौलाना ने कहा कि अखबार ने अपने आक़ाओं अमेरिका और इज़राइल को खुश करने के लिए हमारे बुर्ज़ुग आलिम का अपमान किया है, जिसने उसकी ग़ुलामाना मानसिकता को उजागर किया है। यह अखबार इस्लामी दुनिया में विभाजनकारी प्रयासों के लिये जाना जाता है। मौलाना ने कहा कि वर्तमान में, मरजईयत के दुश्मन हमारे बीच कई तरह के लिबादों और शकलों में हैं, उन्हें पहचानना और उनका बहिष्कार करना आवश्यक है। यह दुश्मन कभी बाहर से हमलावर होता है तो कभी हमारे भीतर से हमारे अक़ीदों पर हमला करता है, उनसे सावधान रहने की ज़रूरत है।

    जारी कर्ता :
    कार्यालय मजलिसे उलेमा-ए-हिंद, लखनऊ

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