अहमियत ए आज़ादरी वा तहफ़्फ़ुज़ ए अकायद सम्मेलन कामयाबी के साथ पूरा।

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    इंदारा ए तहफ़्फ़ुज़े अजादारी की जानिब से आयोजित किया गया दो दिवसीय सम्मेलन कामयाबी के साथ समाप्त हुआ। इस कॉन्फ्रेंस में मुख्तलिफ ओलमा खोतबा ने जो तकरीर की उसका मफ़हूम यह निकला कि शियत की पहचान ही अजादारी है। दुनिया में जहां जहां शिया पाए जाते हैं उनकी पहचान सिर्फ और सिर्फ अजादारी है। अजादारी की वजह से ही शियों की पहचान और वजूद है। इस कौम की सबसे बड़ी कशिश मातम ए हुसैन है। अजादारी ही वह चीज है जिसकी वजह से लोग इस कौम की तरफ मुतवज्जे होते हैं। इसके अलावा ओलमा ने इस बात पर भी जोर दिया कि मिम्बरों पे ऐसे लोगों को बैठने से रोका जाए जो अकायद और अजादारी के साथ खिलवाड़ करते हैं जिससे के दूसरों के अकायद पर असर पड़ता है। मिम्बरों से अकीदों को मजबूत करने वाली बातों का जिक्र किया जाए। इसके अलावा इन बातों पर भी खास तवज्जो दी गई कि दौरे हाजिर में हम सब का फर्ज है कि हम इस साल अजादारी में उसी जज्बे को पैदा करें जैसे पिछले सालों में करते रहे हैं। दुश्मन चाहते हैं कि अजादारी में खलल पैदा हो लेकिन हम लोगों की जिम्मेदारी है कि हम लोग उसी जज्बे और अकायद के साथ अजाए हुसैन का इनएकाद करें।

    अहमियत ए आज़ादरी वा तहफ़्फ़ुज़ ए अकायद सम्मेलन का पहला सत्र 25 जुलाई को शुरू हुआ अव्वलन कारी नदीम नजफी साहब ने तिलवात ए कलाम ए पाक से आगाज किया। हुज्जतुल इस्लाम शेख अली नजफी साहब क़िबला, अयातुल्ला सैयद मुनतज़िर मेहदी रिजवी साहब किबला, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद सायम मेहंदी साहब किबला, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद असगर मेहंदी साहब किबला, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद अली हुसैन अली नवाब साहब किबला, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना शबीह रजा जैदी साहब किबला, जनाब अली ज़िया रिज़वी साहब, मौलाना सैयद असद यवर साहब क़िबला, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद रईस अहमद साहब क़िबला, हुज्जतुल इस्लाम सय्यद क़म्बर अली साहब क़िबला, मौलाना मिर्ज़ा मोहम्मद एजाज़ अब्बास, जनाब सफदर एच करमाली साहब, जनाब अतहर अब्बास ज़ैदी साहब, जनाब हसन नवाब साहब ने अपना खयालत का इज़हार किया।
    आलमी अहमियत ए अजादारी आैर तहफ़ूज़े अकायद कांफ्रेंस में अपने खयालात का इज़हार करते देश विदेश के उलेमा जिसमें जनाब मुंतजिर मेंहदी रिजवी (कुम ईरान, आैर अयततुललाह शेख बशीर नजफ़ी साहब के फ़रजंद मुख्य रुप से शामिल रहे.उनकी तकरीर का तर्जुमा हुज्जतुल इस्लाम मौलाना जामिन नजफी साहब ने किया। पहले दिन कांफ्रेंस की इख़्तेतामी तकरीर जानशीने खतीबे अकबर माैलाना ऐज़ाज अतहर साहब ने की।
    आलमी अहमियत ए आज़ादरी आैर तहफ़्फ़ुज़े अक़ाएद कांफ्रेंस का दूसरे दिन का अगाज़ भी ठीक 8.30 pm पर शुरु हाे गया जिसमे मुल्क व बैरुनी मुल्क के उलेमा ने तहफ़ूजे अज़ादारी पर आपनी अपनी तकरीर कर अज़ादारी का तहफ़ूज कैसे करेगे बताया जिन मेहमान उलेमा ने कांफ्रेंस काे खिताब किया उनमे आयतुल्लाह जनाब हसन ग़दीरी साहब, हुज्जतुल इस्लाम अली रजा रिजवी साहब, हुज्जतुल इस्लाम सिबतैन अकबर सा.(कुम ईरान) माैलाना अली मियां जैदी साहब, हुज्जतुल इस्लाम मौलाना जैनुल अबेदीन साहब काठमांडू , आगा शाैकत अब्बास साहब कनाडा, माैलाना अबिद बिलग्रामी साहब, जनाब जमीर हसन साहब, माैलाना अली हैदर आबदी साहब यू एस ए., जनाब जहीर अब्बास साहब, माैलाना मीसम जैदी साहब, प्राे अजीज़ हैदर साहब, शबाब नकवी साहब, हुज्जतुल इस्लाम माैलाना जामिन जाफ़री साहब, जुलफिकार छममन साहब, जनाब रिजवान रिजवी हैदर नवाब जाफरी साहब, मेंहदी बापू नक़वी गुजरात,अख्तर रसूल साहब कश्मीर ,माैलाना मिक़दाद अाबदी साहब, सै इकबाल हैदर साहब जर्मनी ,जनाब जाहिद अहमद साहब, जनाब शेर माै.जाफ़री साहब अफ्रीका, माैलाना फ़सी हैदर साहब मुजफ्फरनगर ,सै.अमान अब्बास एडीटर सहाफत दैनिक के अलावा ओलमा, खोतबा, वायज़ीन और क़ौम के ज़िम्मेदारान ने भी अपने खयाल पेश किए।
    कांफ्रेंस का इख़्तेताम जांनशीने खतीबे अकबर ने सब ओलमा ,खोतबा, वायज़ीन, नाैहा खवान, दानिशवराे व तहफ़ूजे अजादारी के सदस्याे का शुक्रिया अदा करते हुए कांफ्रेंस काे मुलतवी करने का ऐलान किया.
    कांफ्रेंस की निजामत कांफ्रेंस के संयाेजक माैलाना यासूब अब्बास ने की.
    इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का सजीव प्रसारण P5 वर्ल्ड, 512 चैनल, अली सीडी, ग्राफ एजेंसी द्वारा किया गया।
    इस आलमी कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि इसमें हिंदुस्तान के अलावा पाकिस्तान बांग्लादेश, ईरान, इराक ,कनाडा, नेपाल, अमेरिका और तमाम दूसरे मुल्कों से ओलमा ने शिरकत फरमाई।

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